जब आंखों का सफेद हिस्सा या त्वचा पीली दिखाई देने लगे, तो अक्सर मन में पहला सवाल आता है कि ऐसा क्यों हो रहा है और घर पर क्या ध्यान रखना चाहिए। पीलिया का घरेलू इलाज जानने से पहले यह समझना जरूरी है कि पीलिया शरीर में बढ़े हुए बिलीरुबिन से जुड़ी एक स्थिति है। इसके कारण आंखों और त्वचा में पीलापन आने के साथ गहरे रंग का पेशाब, भूख कम लगना, थकान, कमजोरी या मितली जैसी परेशानी भी हो सकती है।
पीलिया के पीछे हर व्यक्ति में एक जैसा कारण नहीं होता। लीवर की समस्या, हेपेटाइटिस या पित्त के प्रवाह में रुकावट जैसी स्थितियां इसके पीछे हो सकती हैं। इसलिए इस दौरान भोजन और दिनचर्या का ध्यान रखना जरूरी है, लेकिन देखभाल व्यक्ति की स्थिति के अनुसार होनी चाहिए। WHO के अनुसार, वायरल हेपेटाइटिस में पीलिया, गहरे रंग का पेशाब और भूख कम लगना जैसे लक्षण दिखाई दे सकते हैं। इस लेख में पीलिया के दौरान खानपान, घरेलू देखभाल और जरूरी सावधानियों के बारे में विस्तार से जानेंगे।
पीलिया का मतलब क्या है?
शरीर में बिलीरुबिन एक पीले रंग का पदार्थ होता है, जो पुराने लाल रक्त कणों के टूटने के दौरान बनता है। इसके बाद लीवर बिलीरुबिन को प्रोसेस करता है और शरीर इसे प्राकृतिक रूप से बाहर निकाल देता है।
जब यह प्रक्रिया ठीक से नहीं हो पाती, तो शरीर में बिलीरुबिन की मात्रा बढ़ने लगती है। इसके कारण आंखों और त्वचा पर पीलापन दिखाई दे सकता है। NHS के अनुसार, पीलिया में आंखों का सफेद हिस्सा पीला दिखाई देना इसका एक सामान्य संकेत है।
पीलिया के पीछे ये कारण हो सकते हैं:
- वायरल हेपेटाइटिस
- लीवर की बीमारी
- पित्त की नली में रुकावट
- खून के कणों का जरूरत से ज्यादा टूटना
इसलिए पीलिया में इसके कारण को समझना और सही देखभाल करना जरूरी है।
पीलिया के दौरान खानपान और प्राकृतिक देखभाल पर सही मार्गदर्शन चाहिए?
पीलिया को लेकर आम गलतफहमियां
पीलिया को लेकर कई गलत बातें सुनने को मिलती हैं। सही जानकारी इनसे बचने और समय पर सही कदम उठाने में मदद करती है।
गलतफहमी: पीलिया अपने आप ठीक हो जाता है।
सच: पीलिया के पीछे अलग-अलग कारण हो सकते हैं। इसलिए इसके कारण को समझना और जरूरत पड़ने पर जांच कराना जरूरी है।
गलतफहमी: एक ही घरेलू नुस्खा सभी के लिए सही होता है।
सच: पीलिया में देखभाल इसके कारण और व्यक्ति की स्थिति के अनुसार होनी चाहिए। घरेलू उपाय भी सोच-समझकर अपनाएं।
गलतफहमी: भूख न लगे तो खाना छोड़ देना चाहिए।
सच: लंबे समय तक खाली पेट रहने के बजाय थोड़ी मात्रा में हल्का भोजन लेना बेहतर रहता है।
गलतफहमी: पीलिया केवल त्वचा से पता चलता है।
सच: पीलिया में आंखों का सफेद हिस्सा भी पीला दिखाई दे सकता है। NHS के अनुसार, आंखों में पीलापन पीलिया का एक महत्वपूर्ण संकेत है।
पीलिया का घरेलू इलाज: घर पर कौन सी देखभाल अपनाएं?
पीलिया में घर पर की जाने वाली देखभाल का मुख्य उद्देश्य शरीर को आराम, पानी और जरूरी पोषण देना है। इस दौरान पीलिया में परहेज के साथ कुछ आसान आदतें शरीर को सहारा दे सकती हैं।
1. पर्याप्त पानी और तरल पदार्थ लें
दिनभर थोड़ा-थोड़ा साफ पानी पिएं, जब तक डॉक्टर मात्रा सीमित न करें।
2. शरीर को पूरा आराम दें
थकान और कमजोरी में शरीर को आराम देना सबसे पहला कदम है।
3. हल्का और ताजा घर का भोजन लें
कम तेल और कम मसाले वाला ताजा भोजन पाचन पर बोझ नहीं डालता।
4. थोड़ी मात्रा में बार बार भोजन करें
भूख कम लगे, तो एक साथ ज्यादा खाने के बजाय छोटी मात्रा में कई बार खाएं।
5. शराब से पूरी तरह बचें
शराब लीवर पर अतिरिक्त दबाव डालती है, इसलिए इसे पूरी तरह छोड़ना बेहतर है।
6. बिना सलाह के दवाएं और सप्लीमेंट न लें
डॉक्टर की सलाह के बिना दर्द की दवाएं या सप्लीमेंट लेने से बचें, क्योंकि कुछ चीजें लीवर पर अतिरिक्त दबाव डाल सकती हैं।
इसलिए पीलिया में घरेलू उपचार के दौरान सरल भोजन, पर्याप्त पानी, आराम और जरूरी सावधानियों का ध्यान रखें।
पीलिया में खानपान का ध्यान कैसे रखें?

पीलिया के दौरान हल्का, ताजा और पौष्टिक भोजन लेना उचित रहता है। ऐसा भोजन चुनें जो आसानी से पच जाए और शरीर को आवश्यक पोषण भी देता रहे।
- मूंग दाल और हल्की दालें
- खिचड़ी और दलिया
- अच्छी तरह पकी हुई सब्जियां
- मौसमी फल
- जरूरत के अनुसार पौष्टिक और प्रोटीन युक्त भोजन
इस दौरान पीलिया में क्या नहीं खाना चाहिए, इसकी जानकारी रखना भी जरूरी है। शराब, बहुत तला हुआ और मसालेदार भोजन तथा बिना सलाह के सप्लीमेंट से बचना बेहतर है।
क्या आप जानते हैं?
NIDDK के अनुसार, सिरोसिस जैसी गंभीर लीवर बीमारी वाले 50% से 90% लोगों में कुपोषण पाया जा सकता है। इसलिए लीवर से जुड़ी समस्या में पर्याप्त और संतुलित पोषण पर ध्यान देना जरूरी है।
पीलिया के दौरान अपनी स्थिति के अनुसार आहार और आयुर्वेदिक देखभाल के लिए विशेषज्ञ से सलाह लें।
पीलिया में डॉक्टर के पास कब जाएं?
NHS पीलिया को गंभीर कारण का संकेत मानता है, और जल्द चिकित्सा सहायता लेने को कहता है।
इन स्थितियों में तुरंत विशेषज्ञ से मिलें:
- आंखों या त्वचा का पीलापन लगातार बढ़ रहा हो
- पेशाब बहुत गहरा हो गया हो
- लगातार उल्टी हो रही हो
- तेज पेट दर्द हो
- बहुत कमजोरी या भ्रम महसूस हो
- पेट या पैरों में सूजन दिखे
- खून की उल्टी या काला मल दिखे
इसलिए पीलिया के साथ ऐसे लक्षण दिखाई दें, तो घरेलू देखभाल पर निर्भर रहने के बजाय समय पर विशेषज्ञ की सलाह लें।
निष्कर्ष
पीलिया के दौरान खानपान, आराम और साफ-सफाई का ध्यान रखना शरीर को संभालने में मदद कर सकता है। पीलिया का घरेलू इलाज करते समय केवल किसी एक नुस्खे पर निर्भर रहने के बजाय इसके कारण और व्यक्ति की पूरी स्थिति को समझना जरूरी है। आयुर्वेदिक दृष्टि से भी आहार, पाचन और दिनचर्या को देखभाल का महत्वपूर्ण हिस्सा माना जाता है।
Jeena Sikho HiiMS Multan Nagar में आयुर्वेदिक और प्राकृतिक देखभाल की दिशा में व्यक्ति की स्थिति के अनुसार मार्गदर्शन पर ध्यान दिया जाता है। पीलिया से जुड़ी अपनी स्थिति और आहार संबंधी सवालों के लिए VOPD के माध्यम से विशेषज्ञ से परामर्श लिया जा सकता है।
FAQs
Q1. पीलिया में आंखें पीली क्यों दिखती हैं?
बिलीरुबिन खून में जमा होने पर आंखों का सफेद हिस्सा पीला दिखता है।
Q2. बिलीरुबिन क्या होता है?
यह पुराने खून के कणों के टूटने से बनने वाला पीला पदार्थ है।
Q3. क्या पीलिया अपने आप ठीक हो जाता है?
यह कारण पर निर्भर करता है, इसलिए जांच कराना जरूरी है।
Q4. क्या पीलिया में मूंग दाल खा सकते हैं?
हल्की दालें अक्सर आसानी से पचती हैं, इसलिए इन्हें भोजन में शामिल किया जा सकता है।
Q5. क्या पीलिया दूसरों में फैलता है?
पीलिया खुद नहीं फैलता, पर कुछ हेपेटाइटिस दूषित पानी और भोजन से फैल सकते हैं।

