माइग्रेन क्यों होता है जानिए कारण, लक्षण और बचाव के तरीके
Posted on July 4, 2026 by Dr. Niteshwari

सिरदर्द होना एक बहुत ही आम बात है, लेकिन जब यह दर्द सिर के एक हिस्से में, तेज़ चुभन (throbbing pain) के साथ होने लगे, तो यह साधारण सिरदर्द नहीं होता। अक्सर लोग इंटरनेट पर सर्च करते हैं कि माइग्रेन क्यों होता है और इसे कैसे ठीक किया जाए। कई लोग इसे अपनी आम भाषा में ‘आधा सीसी का दर्द’ भी कहते हैं। यह सिर्फ एक मामूली सिरदर्द नहीं है, बल्कि यह एक न्यूरोलॉजिकल समस्या है जिसके साथ जी उल्टी आना और तेज़ रोशनी या आवाज़ से बहुत ज्यादा चिढ़ होना जैसी परेशानियां भी झेलनी पड़ती हैं।

जब तक हम असल माइग्रेन के कारण – Causes of Migraine को ठीक से नहीं समझेंगे, तब तक इससे पूरी तरह राहत पाना मुश्किल है। इस ब्लॉग में हम बहुत ही आसान शब्दों में बात करेंगे कि आखिरकार माइग्रेन के कारण क्या-क्या हो सकते हैं, यह शरीर में कैसे ट्रिगर होता है और Jeena Sikho HiiMS में इसका प्राकृतिक इलाज कैसे किया जाता है।

माइग्रेन के मुख्य कारण क्या है?

मेडिकल साइंस और आयुर्वेद दोनों ही मानते हैं कि माइग्रेन का कोई एक अकेला कारण नहीं होता। अलग-अलग लोगों में इसके ट्रिगर्स अलग हो सकते हैं। प्रमुख Migraine Causes:

Genetical: यदि आपके परिवार में माता-पिता, भाई-बहन या किसी और को माइग्रेन की शिकायत रही है, तो आपको भी यह समस्या होने के चांस बहुत ज्यादा बढ़ जाते हैं। यह पीढ़ी-दर-पीढ़ी ट्रांसफर होने वाली एक आम वजह है।

Brain Chemicals में बदलाव: हमारे दिमाग में Serotonin नाम का एक बहुत ही ज़रूरी केमिकल होता है जो नसों के तालमेल को बनाए रखता है। जब इस केमिकल का लेवल अचानक बहुत ज्यादा ऊपर या नीचे होने लगता है, तो दिमाग की ब्लड वेसल्स (नसें) सिकुड़ जाती हैं और फिर अचानक फैलती हैं, जिससे सिर में दर्द शुरू हो जाता है।

Hormonal Changes: पुरुषों के मुकाबले महिलाओं में माइग्रेन की समस्या ज्यादा देखी जाती है। इसका सबसे बड़ा कारण महिलाओं के शरीर में होने वाले हार्मोनल बदलाव हैं। Periods के दिनों में, Pregnancy के दौरान या Menopause के कारण माइग्रेन का अटैक आ सकता है।

माइग्रेन को ट्रिगर करने वाली रोज़मर्रा की बातें

कई बार हमारी खराब लाइफस्टाइल और छोटी-छोटी गलत आदतें ही असल माइग्रेन के कारण बन जाती हैं।

तनाव और मानसिक दबाव

क्या आप जानते हैं कि तनाव से माइग्रेन क्यों होता है? दरअसल, जब हम बहुत ज्यादा स्ट्रेस लेते हैं, तो हमारे शरीर में Cortisol (stress hormone) का लेवल बढ़ जाता है, जो दिमाग की नसों में खिंचाव पैदा करते हैं और माइग्रेन के दर्द को ट्रिगर कर देते हैं।

नींद का पैटर्न बिगड़ना

नींद की कमी से माइग्रेन का बहुत गहरा कनेक्शन है। अगर आप रात में देर तक फोन चलाते हैं या सिर्फ 4-5 घंटे ही सो पाते हैं, तो आपका नर्वस सिस्टम पूरी तरह शांत नहीं हो पाता। बहुत कम सोना दिमाग की नसों को परेशान करती हैं और सिरदर्द का मुख्य माइग्रेन के कारण बनती हैं।

Dehydration

काम की व्यस्तता में लोग अक्सर पानी पीना भूल जाते हैं। डिहाइड्रेशन से माइग्रेन होना एक बहुत ही कॉमन ट्रिगर है। जब शरीर में पानी की कमी होती है, तो blood circulation पर असर पड़ता है और brain tissues  में ऑक्सीजन सही मात्रा में नहीं पहुँच पाती, जिससे अचानक तेज़ दर्द उठ जाता है।

गलत खान-पान और गैजेट्स का ज्यादा इस्तेमाल

लंबे समय तक खाली पेट रहना या समय पर खाना न खाना भी एक बड़ा माइग्रेन का कारण है। खाली पेट रहने से शरीर में गैस बढ़ती है जो सिर की तरफ चढ़ती है। इसके अलावा बहुत ज्यादा चाय-कॉफ़ी पीना, बासी खाना और लगातार घंटों तक लैपटॉप या मोबाइल की ब्राइट स्क्रीन को देखते रहना भी मुख्य Migraine Causes में शामिल हैं।

माइग्रेन से बचने के आसान उपाय

दवाइयों पर अपनी निर्भरता बढ़ाने से पहले आपको अपनी डेली लाइफस्टाइल में कुछ छोटे और बेहद असरदार बदलाव करने होंगे:

एक Daily Routine फिक्स करें: रोज़ एक ही निश्चित समय पर सोएं और जागें। अपनी बॉडी क्लॉक (Circadian Rhythm) को बिगड़ने न दें।

भरपूर पानी पीएं: पानी की कमी को दूर रखने के लिए दिन में कम से कम 8 से 10 ग्लास गुनगुना या नॉर्मल पानी ज़रूर पीएं। नारियल पानी या नींबू पानी भी शामिल कर सकते हैं।

Healthy Diet लें: समय पर शुद्ध शाकाहारी खाना खाएं, भूखे पेट बिल्कुल न रहें। अपनी डाइट में हरी पत्तेदार सब्ज़ियां, ताजे फल और भीगे हुए नट्स शामिल करें।

Screen Time कम करें: फोन और लैपटॉप का इस्तेमाल करते समय बीच-बीच में अपनी आँखों को आराम दें। रात को सोने से कम से कम एक घंटा पहले सभी गैजेट्स को खुद से दूर कर दें।

Yoga और Meditation: रोज़ सुबह उठकर 15-20 मिनट गहरी सांस लेने वाली एक्सरसाइज जैसे अनुलोम-विलोम, प्राणायाम और meditation करें। यह दिमाग को शांत करने और स्ट्रेस को दूर रखने का सबसे बढ़िया तरीका है।

Jeena Sikho HiiMS Karol Bagh Delhi में माइग्रेन का इलाज

Jeena Sikho HiiMS Karol Bagh Delhi में माइग्रेन का इलाज सिर्फ painkillers देकर नहीं, बल्कि बीमारी की असली जड़ को खत्म करके किया जाता है। यहाँ का मुख्य फोकस शरीर के असंतुलित दोषों (Vata, Pitta, Kapha) को फिर से नेचुरल स्टेट में लाना और शरीर में जमा हुए toxins को बाहर निकालना है। इसके लिए Panchakarma की बेहद खास और असरदार थेरेपी जैसे Nasya और Shirodhara का इस्तेमाल किया जाता है। यह थेरेपी सीधे आपके नर्वस सिस्टम को शांत करती हैं और दिमाग की नसों की सूजन को कम करती हैं।

इसके साथ ही, माइग्रेन के दर्द और मानसिक थकावट को मिटाने के लिए Brahmi, Shankhpushpi, और Ashwagandha जैसी दिव्य आयुर्वेदिक जड़ी-बूटियाँ (herbs) दी जाती हैं। ये प्राकृतिक हर्ब्स दिमाग की कोशिकाओं को अंदर से ताकत देती हैं और स्ट्रेस पैदा करने वाले हार्मोन्स को कम करती हैं। इसके अलावा, HiiMS में मरीजों को एक विशेष pH balanced Diet दी जाती है, जिसमें से दूध, चाय-कॉफ़ी और पैक्ड फूड को पूरी तरह हटाकर उसकी जगह प्रचुर मात्रा में ताजे फल, कच्ची सब्ज़ियां और millets शामिल किए जाते हैं। यह natural तरीका शरीर को अंदर से साफ करता है, जिससे migraine attacks से हमेशा के लिए मुक्ति मिल जाती है।

Conclusion

माइग्रेन भले ही बहुत परेशान करने वाला और आपकी रोज़ की ज़िंदगी को रोकने वाला दर्द है, लेकिन अपनी आदतों को थोड़ा सा बदलकर आप इसे पूरी तरह रिवर्स कर सकते हैं। जब भी आपको लगे कि दर्द शुरू होने वाला है, तो तुरंत किसी शांत और अंधेरे कमरे में लेट जाएं और आराम करें। यदि आप बार-बार होने वाले इस दर्द और पेनकिलर के साइड इफेक्ट्स से तंग आ चुके हैं, तो प्रकृति की ओर लौटना ही सबसे सुरक्षित रास्ता है।

अगर आप घर बैठे ही इस बीमारी को जड़ से खत्म करना चाहते हैं, तो आप Jeena Sikho HiiMS VOPD (Video Consultation) सर्विस के ज़रिए उनके सर्टिफाइड डॉक्टरों से बात कर सकते हैं। इसके माध्यम से आपको घर बैठे ही अपनी समस्या के अनुसार डाइट प्लान, हर्ब्स और पंचकर्म की सलाह मिल जाएगी। अपनी सेहत से समझौता न करें, आज ही सही कदम उठाएं और एक स्वस्थ जीवन की शुरुआत करें। 

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FAQs

Q.1 माइग्रेन का कारण क्या है? 

Ans: माइग्रेन का मुख्य कारण दिमाग की नसों में सूजन आना, शरीर में वात-पित्त दोष का बिगड़ना और स्ट्रेस, नींद की कमी या खराब खान-पान की वजह से ब्रेन केमिकल्स (जैसे Serotonin) का असंतुलित होना है। 

Q.2 क्या चाय या कॉफ़ी का ज्यादा सेवन भी माइग्रेन का कारण बन सकता है? 

Ans: हाँ, बहुत ज्यादा कैफीन का सेवन करना या अचानक चाय-कॉफ़ी छोड़ देना, दोनों ही प्रमुख माइग्रेन के कारण बन जाते हैं।

Q.3 माइग्रेन का दर्द एक बार शुरू होने पर कितने समय तक रह सकता है? 

Ans: माइग्रेन का एक अटैक कुछ घंटों से लेकर लगातार 2 से 3 दिनों (48 से 72 घंटे) तक खिंच सकता है।

Q.4 क्या खाली पेट रहने से सचमुच माइग्रेन ट्रिगर होता है? 

Ans: हाँ, लंबे समय तक भूखे रहने से शरीर का ब्लड शुगर लेवल गिरता है और पेट में गैस बढ़ती है, जो सीधे सिर पर असर करती है।

Q.5 क्या बिना अंग्रेजी दवाइयों के माइग्रेन को पूरी तरह ठीक किया जा सकता है? 

Ans: हाँ, सही लाइफस्टाइल, संतुलित डाइट, हर्ब्स और HiiMS की पंचकर्म थेरेपी की मदद से माइग्रेन को जड़ से खत्म किया जा सकता है।

Medical Disclaimer:

The information provided is for general educational purposes only and is not a substitute for professional medical advice, diagnosis, or treatment. Always consult a qualified healthcare professional for personalized medical guidance.

Dr. Niteshwari

Author: Dr. Niteshwari

Dr. Niteshwari brings more than 5 years of clinical experience along with qualifications in BAMS, Ayurvedacharya and P.G.D.I.P. Her broad area of practice allows her to work with patients dealing with different health concerns. She believes in understanding the person as a whole while providing guidance based on Ayurvedic principles.

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