Ayurveda Helps Heal the
Root Cause
Kolkata became another stop in Acharya Manish Ji’s journey to bring conversations about health and Ayurveda closer to people. From chronic health conditions and mental well-being to the importance of digestion and everyday habits, the conversation encouraged people to understand their health more deeply.
Couldn’t Be in Kolkata? You Can Still Join the Conversation.
Experience Acharya Manish Ji’s insights from wherever you are through our live webinars.
Why Kolkata?
When Health Becomes a Personal QuestionEvery person comes with a different health journey. The Kolkata seminar opened a space for people to share their experiences, ask questions, and explore Ayurveda as a traditional system of health and wellness
Watch the Moments That Defined the
Kolkata Session
From personal health stories to direct conversations with Acharya Manish Ji, the Jaipur session
captured the questions people were asking about their health and everyday lifestyle.
What Did Acharya Manish Ji Talk About?
From Treating Symptoms to Understanding the Body
The Kolkata Audience
Many Voices. One Conversation.
A Shared Curiosity About Health.
“Different questions brought them together. Understanding kept them engaged.”
People Connected
Questions Asked
Of Live Interaction
Better Health Awareness
Real People. Real Concerns. Personal Journeys.
Stories That Became Part of the
Conversation
Gallery
The Moments We Captured
Be Part of the
Journey
Acharya Manish Ji continues to connect with people across India through seminars, conversations, and live sessions focused on health awareness and Ayurveda.
Contact UsFAQ’s
Frequently Asked Questions
बुखार होने पर Paracetamol लेना सही है?
नहीं, बुखार में Paracetamol अक्सर तापमान और दर्द कम करने के लिए दी जाती है लेकिन ज्यादा मात्रा या बार-बार लेने से लिवर, किडनी व Heart की समस्या हो सकती है इसलिए इसे खाने से बचें I
बुखार होने पर क्या करें?
बुखार होने पर 3 दिन तक खाना न खाएं। दूध, दही, पनीर, अंडा और ब्रेड न लें। इस दौरान ग्रीन जूस, फल और नारियल पानी लें। लगभग 40°C गर्म पानी बाल्टी में भरकर घुटनों तक पैर डुबोकर बैठें और ऊपर से गर्म पानी पिएं। अगर एक बार में आराम न मिले तो इसे दोबारा करें। कंबल ओढ़कर शरीर को गर्म रखें और पंखा न चलाएं। साथ में 10 कड़ी पत्ते और नीम के पत्ते चबाएं।
हार्ट अटैक का खतरा कैसे पहचानें?
सुबह 9–10 बजे BP चेक करें और फिर रात 9–10 बजे दोबारा BP चेक करें। सुबह का BP रात के BP से लगभग 5–10 पॉइंट ज्यादा होना चाहिए, ऐसे हार्ट की problems का पता लगाया जा सकता हैI
रात को देर से सोने से क्या नुकसान हो सकता है?
रात को देर तक जागने से sleep cycle बिगड़ सकती है। इसलिए रात 10:30–11 बजे तक सोने और सोने से लगभग आधा घंटा पहले phone छोड़ें। रात में 2–3 घंटे बाद बार-बार नींद खुलती है तो इसे नजरअंदाज न करें और कईं बड़ी बिमारी आने का संकेत हो सकती हैI बार-बार नींद खुलना, BP में गड़बड़ी या urine pattern में बदलाव जैसे संकेत हों तो medical check-up कराएं और अपनी diet, sleep और lifestyle पर ध्यान दें। सोने से पहले करीब 30–45 मिनट पानी न पिएं।
शुगर, BP और थायराइड बढ़ने के पीछे क्या कारण बताया गया है?
गलत खान-पान, कमजोर पाचन और धीमे metabolism को इसका कारण है।
रात को सोते समय सिर किस दिशा में रखना चाहिए?
सोते समय सिर पूर्व या दक्षिण दिशा में होना चाहिए। लेटते समय बाईं करवट और सुबह उठते समय दाईं करवट से उठे। रात को कोशिश करें 10 से 11 बजे तक सो जाएं और बहुत देर रात तक न जागें।
सुबह उठकर क्या खाना बताया गया है?
सुबह उठकर सबसे पहले हल्दी का एक टुकड़ा, अदरक का छोटा टुकड़ा और 10 कड़ी पत्ते चबाएं उकडू बैठकर और इसे सप्ताह में लगभग 4–6 दिन लें। Breakfast में 50 किलो से ज्यादा वजन वाले पहले 500 ग्राम मौसमी फल और 50 किलो से कम वजन वाले 250 ग्राम मौसमी फल लें। इसके बाद अपना सामान्य नाश्ता कर सकते हैं। Lunch में 50 किलो से ज्यादा वजन वाले पहले 250 ग्राम सलाद और 50 किलो से कम वजन वाले 150 ग्राम सलाद लें। इसके बाद अपना सामान्य खाना खाएं। Dinner में रात में पहले vegetable soup लें और उसके बाद अपना खाना खा सकते हैं। रात में खीरा, ककड़ी, खरबूजा और तरबूज जैसी ज्यादा पानी वाली चीजें न लें। आम, केला, चीकू, अंगूर, लीची और नारियल ले सकते हैं और इन packaged foods बिस्किट, भुजिया, चिप्स, कोल्ड ड्रिंक और डिब्बाबंद जूस जैसी factory/packet वाली चीजों को छोड़ दें।
हम बीमार क्यों पड़ते हैं?
हमारे शरीर में जमा कुपित मल ही कई बीमारियों की जड़ बनता है। जैसे रोज घर की सफाई करने के बाद भी कुछ कचरा रह जाता है, वैसे ही शरीर से रोज मल, मूत्र और पसीने के जरिए गंदगी बाहर निकलने के बाद भी कुछ अपशिष्ट अंदर जमा रह जाता है। यही कुपित मल आगे चलकर किडनी, लिवर, हार्ट और दूसरी स्वास्थ्य समस्याओं का कारण बनता है।
थायरॉइड, Acidity होने पर कौन-से आसन करने चाहिए?
थायरॉइड व एसिडिटी में भुजंगासन, वज्रासन और उकड़ू आसन से काफी आराम मिलता हैI
पंचकर्म क्या है?
पंचकर्म में शरीर की अंदरूनी सफाई की जाती है। इसमें वमन, विरेचन, शमन और शोधन जैसी प्रक्रियाओं के साथ आहार और विहार पर ध्यान देकर उपचार किया जाता है।
पीरियड्स के दौरान दर्द न हो तो क्या करें?
पीरियड्स शुरू होने से 4 दिन पहले सुबह खाली पेट उकड़ू बैठकर 1 चम्मच शुद्ध देसी घी, हल्दी, काली मिर्च, सूखी अदरक और पीपली को गर्म पानी में मिलाकर लें। इस दौरान दूध, दही, पनीर और अंडा न लें।
रसौली, ट्यूमर या सिस्ट न हो तो क्या करें?
पीरियड्स के दौरान 3 दिन हल्का भोजन रखें और फल व सलाद लें। साथ ही 2 अमरूद के पत्ते, 2 बरगद के पत्ते, 2 पीपल के पत्ते, 4–5 पान के पत्ते, 15–20 पुदीना, धनिया और कड़ी पत्ते, 50 ग्राम पालक/मेथी/बथुआ/चौलाई में से कोई एक, हल्दी का टुकड़ा, थोड़ा अदरक और आंवला मिलाकर ग्रीन जूस बनाएं। यह रूटीन शरीर को हल्का रखने और खान-पान सुधारने में मदद कर सकता है, और रसौली, ट्यूमर या सिस्ट से बचाने में भी मदद कर सकता है I
Stress में खाना क्यों नहीं खाना चाहिए?
Stress में पाचन कमजोर हो जाता है और खाना ठीक से हजम नहीं हो पाता। इसलिए बहुत ज्यादा तनाव, गुस्सा या बेचैनी में तुरंत भारी खाना खाने के बजाय पहले मन शांत करें और हल्का खाना खाएं Fruits व सलाद खाएं।
बड़ी से बड़ी बीमारी होने का कारण क्या है?
आयुर्वेद के अनुसार जब शरीर की पाचन अग्नि कमजोर हो जाती है, तो भोजन ठीक से नहीं पचता। इससे शरीर में आम यानी टॉक्सिन्स/वेस्ट जमा होने लगते हैं। साथ में metabolism कमजोर होना, पेट साफ न रहना और constipation बना रहता है तो यही शरीर में waste जमा होने का कारण बनते हैं। यही जमा हुआ waste आगे चलकर कई बीमारियों की जड़ बन सकता है।
बीमारियों का निदान क्या है?
डाइट और लाइफस्टाइल में सुधार करें और शरीर की अंदरूनी सफाई के लिए साल में कम से कम एक बार पंचकर्म जरूर करवाएं।
शादी में जाकर लगातार कुछ न कुछ खाना नुकसानदायक क्यों है?
शादी में अक्सर रात 8 बजे से 11 बजे तक लगातार कुछ न कुछ खाते रहते हैं पहले snacks, चाउमीन, स्प्रिंग रोल और टिक्की, फिर खाना, उसके बाद ice cream और coffee। इस तरह लगातार और जरूरत से ज्यादा खाने से पेट पर बोझ बढ़ता है, bloating और acidity हो सकती है, जो सेहत के लिए अच्छा नहीं है और बड़ी बीमारियों का कारण बन सकता हैI
खड़े होकर पेशाब क्यों नहीं करना चाहिए?
पेशाब और शौच के लिए नीचे बैठने वाली नेचुरल मुद्रा अपनानी चाहिएI शौच के लिए उकड़ू बैठने की मुद्रा उपयोगी है। इसलिए English toilet इस्तेमाल न करें और न ही खड़े होकर पेशाब करें, इससे पुरुषों में prostate व महिलाओं में समस्याएं या मोटापा जैसी बीमारियों के होने की संभावना हो सकती है।
Patient Experience Disclaimer:- Patient experiences shared on this page represent individual accounts and personal perspectives. They should not be considered a guarantee of similar results. Health outcomes vary from person to person. The information presented here is not a substitute for professional medical diagnosis or treatment. Please consult a qualified healthcare professional for your individual health concerns.